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हामी चारजना सरकारमा होइन, पावरमा छौँ उपेन्द्र यादव |
| एउटा अनौठो संयोग, यसअघि नेकपाका संस्थापक महासचिव पुष्पलाल श्रेष्ठकी धर्मपत्नी साहना प्रधानले सम्हाल्नुभएको परराष्ट्र मन्त्रालयको राजनीतिक जिम्मेवारी सम्हाल्न अरू कोही नभएर उनै पुष्पलालका राजनीतिक चेला उपेन्द्र यादव आइपुगेका छन्। पुष्पलालले नेकपा (मार्क्सवादी) को नेतृत्व गरेका बेला यादव सो पार्टीसम्बद्ध विद्यार्थी संगठनको नेता थिए। |
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प्रतिक्रियावादी तत्त्वहरूबीचको गम्भीर साठगाठमा गौर हत्याकाण्ड मञ्चन भएको छ |
| सरकारले यसो भनेपछि हामीले के भन्यौं भने त्यसो भए फोरमका तथाकथित नेता भनौंदाहरु सबैलाई गिरफ्तारीको आदेश जारी गरिनु पर्यो र ती सबैलाई गिरफ्तार गरी कडा कारवाही गर्नुपर्यो । यदि सरकार फोरमका नेताहरुलाई त्यसो गर्छ भने प्रतिबन्ध भनेर अतिरञ्जित बनाएर उनीहरूलार्इर्र्हुदै नभएको पगरी गुथाइदिन जरुरी छैन भन्नेमा सबै सहमत हुन सकिन्छ भन्नेसम्म चाहिं हाम्रो कुरा भएकोे छ ।
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मुख्यमन्त्रीचाहिँ थारूलाई बनाउने हो: रामकुमार शर्मा, नेतातमलोपा |
| मधेस जनअधिकार फोरम, तराईमधेस लोकतान्त्रिक पार्टी, नेपाल सद्भावना पार्टीलगायतका मधेसवादी दलहरूको तर्क भने फरक छ। उनीहरू थारू पनि मधेसी रहेको बताउँदै छन्। मूल विवाद यहीँनिर देखिएको छ। र, विवादको यही धरातलमाथि उभिएर एक मधेस, एक प्रदेशको समर्थन र विरोध सुरु भएको छ। यी माग, तर्क र विवाद राज्यको पुनर्संरचनासँग सम्बन्धित छन्। |
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जनगणतन्त्र भनेको लोकतन्त्रविरोधी एकतन्त्रीय अधिनायकवाद हो। |
| जनगणतन्त्र भनेको लोकतन्त्रविरोधी एकतन्त्रीय अधिनायकवाद हो। जनगणतन्त्रमा कुनै पनि विरोधी दल वा व्यक्तिको अस्तित्व हुँदैन। राजनीतिक उद्देश्यका कुनै दल वा संस्था खोल्न पाइँदैन। प्रेस स्वतन्त्रता हुँदैन। एउटा कम्युनिष्ट पार्टीको निरंकुशता मात्र हुन्छ। त्यस्तो राज्य व्यवस्था र त्यसका सञ्चालकहरुका कामकारबाहीबारे कुनै एउटा नागरिकले सामान्य विरोधसम्म गर्न पाउँदैन। त्यस्तो विरोध गर्नेहरुलाई या त हत्या गरिन्छ नत्र कठोर काराबासको सजाय दिइन्छ। |
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वाईसीएल विघटन हुनुपर्छ डा. वंशीधर मिश्र, नेकपा एमाले |
| माओवादीले आफ्नो चरित्रलाई सुधार्न नसक्नु अत्यन्तै दुखद पक्ष हो। माओवादीले वारम्वार वाईसीएलका गल्तीहरुलाई सच्याउँछौ/सुधार गर्छाैं भनेर प्रतिबद्धता जारी गरिरहेको परिस्थितिमा पनि उनीहरुको गतिविधि नरोकिनु गम्भीर चिन्ताको विषयका रुप्ामा देखिएको छ। |
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